भारत और उज़्बेकिस्तान ने अपने द्विपक्षीय संबंधों को व्यापक सामरिक साझेदारी (Comprehensive Strategic Partnership) के स्तर तक उन्नत किया है, जो दोनों देशों के लंबे समय से चले आ रहे संबंधों में एक नए चरण की शुरुआत का प्रतीक है। इस कूटनीतिक उन्नयन के साथ ही दोनों देशों ने आर्थिक संबंधों को गहरा करने की दिशा में भी कदम बढ़ाया है। दोनों पक्षों ने एक वरीयता व्यापार समझौते (preferential trade agreement) की दिशा में काम करने पर सहमति जताई है, जिसका उद्देश्य द्विपक्षीय व्यापार को बढ़ाना है। इस पहल के तहत 2030 तक द्विपक्षीय व्यापार को 5 अरब डॉलर तक पहुंचाने का लक्ष्य रखा गया है। हालांकि, इस समझौते की विस्तृत रूपरेखा, समयसीमा या इसमें शामिल विशिष्ट क्षेत्रों को लेकर अभी और जानकारी सामने आने की प्रतीक्षा है।