माइक्रोप्लास्टिक को शरीर में 'ट्रोजन हॉर्स' की तरह काम करने वाला बताया जा रहा है। कहा जा रहा है कि ये सिर्फ प्लास्टिक के महीन कण नहीं हैं, बल्कि इनके माध्यम से जहरीले रसायन, सूक्ष्मजीव (बैक्टीरिया) और एंटीबायोटिक प्रतिरोधी जीन एक जगह से दूसरी जगह तक पहुंच सकते हैं। इससे शरीर में इन हानिकारक तत्वों के फैलने की आशंका जताई जा रही है।