सुप्रीम कोर्ट में 69,000 सहायक शिक्षक भर्ती मामले की सुनवाई के दौरान सामान्य वर्ग की ओर से एक महत्वपूर्ण दलील पेश की गई। उनका कहना था कि जिन अभ्यर्थियों ने आरक्षित वर्ग के तहत आरक्षण का लाभ लेकर चयन प्राप्त किया है, वे बाद में सामान्य (अन-रिजर्व्ड) श्रेणी की सीट पर दावा नहीं कर सकते। सामान्य वर्ग के पक्ष ने तर्क दिया कि एक बार आरक्षण की सुविधा का उपयोग करने के बाद उसी अभ्यर्थी का सामान्य श्रेणी की सीट पर दावा करना उचित नहीं है। यह मामला उत्तर प्रदेश में हुई 69,000 सहायक शिक्षक भर्ती से जुड़ा है, जो लंबे समय से विवादों में रहा है और वर्तमान में सुप्रीम कोर्ट में इसकी सुनवाई चल रही है।