छिछावली गांव निवासी गिरवर सिंह तोमर की कहानी कुछ ऐसी ही है। 26 साल पहले CRPF से बर्खास्त हुए गिरवर सिंह ने नौकरी छूटने के बाद संत का जीवन अपना लिया था। अब 26 साल लंबी कानूनी लड़ाई के बाद उन्हें दोबारा CRPF में सेवा का मौका मिला है।