विदेश मंत्रालय (एमईए) द्वारा जारी एक बयान के अनुसार, दोनों नेताओं ने अगस्त 2025 में तियानजिन में हुई उनकी पिछली मुलाकात के बाद से भारत-चीन संबंधों में हुई प्रगति को नोट किया। बयान में कहा गया कि दोनों पक्षों ने इस बात पर बल दिया कि दोनों देशों के बीच जो मतभेद हैं, उन्हें विवाद का रूप नहीं लेने देना चाहिए। बयान में द्विपक्षीय संबंधों में स्थिर प्रगति सुनिश्चित करने की आवश्यकता पर भी जोर दिया गया।