निठारी हत्याकांड के आरोपी सुरेंद्र कोली की कानूनी लड़ाई एक जटिल और दुखद कहानी है। रिपोर्ट के अनुसार, कोली मेरठ जेल में फांसी की सजा का सामना कर रहे थे, लेकिन बाद में सुप्रीम कोर्ट ने उन्हें बरी कर दिया। बरी होने के बाद वे हरिद्वार में एक चाय की दुकान चला रहे थे। सुप्रीम कोर्ट से क्लीन चिट मिलने के कुछ महीनों बाद ही उनका निधन हो गया। सूत्र में दी गई जानकारी सीमित है और इसमें मामले की पूरी पृष्ठभूमि, बरी होने की सटीक तारीख, निधन का कारण या समय, तथा निठारी हत्याकांड से जुड़े अन्य विवरण शामिल नहीं हैं। इन तथ्यों की पुष्टि आधिकारिक स्रोतों से किया जाना आवश्यक है।