भारत के डिफेंस सेक्टर का बदल रहा फैक्टर, DRDO की टेक्नोलॉजी ट्रांसफर पॉलिसी कैसे करेगी काम?
DRDO ने अपनी तकनीक भारतीय रक्षा कंपनियों को ट्रांसफर करने की मंजूरी दी है, जिससे स्वदेशी मिसाइल निर्माण को बढ़ावा मिलने और आयात पर निर्भरता कम होने की उम्मीद जताई जा रही है।
रक्षा शोध एवं विकास संगठन (DRDO) ने भारतीय रक्षा कंपनियों को अपनी तकनीक ट्रांसफर करने की मंजूरी दी है। इस फैसले को भारत के डिफेंस सेक्टर में एक बड़े बदलाव के रूप में देखा जा रहा है। बताया जा रहा है कि इस कदम से स्वदेशी मिसाइल निर्माण को गति मिलेगी और भारत की रक्षा उपकरणों के आयात पर निर्भरता कम होगी। हालांकि, इस बारे में विस्तृत जानकारी अभी सीमित है कि यह तकनीक ट्रांसफर प्रक्रिया व्यावहारिक रूप से किस तरह काम करेगी और इसमें कौन-कौन सी कंपनियां शामिल होंगी।
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