उत्तर प्रदेश के अमेठी जिले में स्थित कोरवा संयंत्र में देश की पहली पूरी तरह स्वदेशी एके-203 राइफल तैयार की गई है, जिसे 'शेर' नाम दिया गया है। भारतीय सेना में इस्तेमाल हो रही पुरानी इंसास राइफल की जगह अब इस नई राइफल को शामिल किया जा रहा है। इस परियोजना के तहत करीब 6.01 लाख राइफलों की आपूर्ति करने का लक्ष्य रखा गया है। रिपोर्ट के शीर्षक में दावा किया गया है कि इस नई राइफल का वजन पुरानी राइफल से कम है, इसकी रेंज दोगुनी है, यह अधिक घातक है और एक मिनट में तय संख्या में फायरिंग करने में सक्षम है। हालांकि, इन तकनीकी विशेषताओं के सटीक आंकड़े स्रोत सामग्री में उपलब्ध नहीं कराए गए हैं।