पश्चिम एशिया संकट: कच्चा तेल बिगाड़ सकता है महंगाई का खेल, क्या है सरकार का प्लान?
पश्चिम एशिया में जारी संकट के चलते कच्चे तेल की कीमतें करीब 102 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गई हैं, जिसका असर डॉलर के मुकाबले रुपये पर भी पड़ा है और रुपया कमजोर हुआ है।
पश्चिम एशिया में जारी संकट का असर वैश्विक कच्चे तेल बाजार पर पड़ा है। रिपोर्ट के अनुसार, कच्चे तेल की कीमतें बढ़कर करीब 102 डॉलर प्रति बैरल के स्तर पर पहुंच गई हैं। इस बढ़ोतरी का सीधा असर भारतीय मुद्रा पर भी देखने को मिला है, जहां डॉलर के मुकाबले रुपया कमजोर हुआ है। कच्चे तेल की कीमतों में इस तेजी को लेकर आशंका जताई जा रही है कि इससे घरेलू स्तर पर महंगाई बढ़ सकती है। हालांकि, इस संबंध में सरकार की ओर से क्या रणनीति अपनाई जा रही है, इसका ब्योरा उपलब्ध सामग्री में स्पष्ट नहीं है।
संबंधित खबरें
बिज़नेस
भारतीय कंपनियां व्यावसायिक विवादों के लिए अब भी विदेशी मध्यस्थता क्यों चुन रही हैं?
भारतीय कंपनियां बड़े व्यावसायिक विवादों के निपटारे के लिए अब भी विदेशी मध्यस्थता केंद्रों को प्राथमिकता दे रही हैं, जिससे भारत की मध्यस्थता व्यवस्था पर भरोसे को लेकर सवाल उठ रहे हैं। मध्यस्थता स्थल का चुनाव कंपनियों और वकीलों के लिए एक अहम मुद्दा बनता जा रहा है।
बिज़नेस
त्योहारी सीजन में ऑनलाइन शॉपिंग से लाखों युवाओं को मिलेगा रोजगार, ऑफलाइन बिक्री में भी तेजी
इस त्योहारी सीजन में ऑनलाइन बिक्री के 1.50 लाख करोड़ रुपये तक पहुंचने का अनुमान है, जिससे बड़ी संख्या में मौसमी रोजगार पैदा होने की उम्मीद जताई गई है।
बिज़नेस
Swiggy-Zomato पर वार्निंग लेबल चाहते हैं कस्टमर्स, सर्वे में हुआ खुलासा
एक सर्वे में खुलासा हुआ है कि ग्राहक स्विगी और जोमैटो जैसे फूड डिलीवरी ऐप्स पर वार्निंग लेबल चाहते हैं। हालांकि सर्वे से जुड़े अन्य विवरण उपलब्ध नहीं हैं।