पश्चिम एशिया में जारी संकट का असर वैश्विक कच्चे तेल बाजार पर पड़ा है। रिपोर्ट के अनुसार, कच्चे तेल की कीमतें बढ़कर करीब 102 डॉलर प्रति बैरल के स्तर पर पहुंच गई हैं। इस बढ़ोतरी का सीधा असर भारतीय मुद्रा पर भी देखने को मिला है, जहां डॉलर के मुकाबले रुपया कमजोर हुआ है। कच्चे तेल की कीमतों में इस तेजी को लेकर आशंका जताई जा रही है कि इससे घरेलू स्तर पर महंगाई बढ़ सकती है। हालांकि, इस संबंध में सरकार की ओर से क्या रणनीति अपनाई जा रही है, इसका ब्योरा उपलब्ध सामग्री में स्पष्ट नहीं है।