भारतीय कंपनियां व्यावसायिक विवादों के लिए अब भी विदेशी मध्यस्थता क्यों चुन रही हैं?
भारतीय कंपनियां बड़े व्यावसायिक विवादों के निपटारे के लिए अब भी विदेशी मध्यस्थता केंद्रों को प्राथमिकता दे रही हैं, जिससे भारत की मध्यस्थता व्यवस्था पर भरोसे को लेकर सवाल उठ रहे हैं। मध्यस्थता स्थल का चुनाव कंपनियों और वकीलों के लिए एक अहम मुद्दा बनता जा रहा है।
भारतीय कंपनियां बड़े व्यावसायिक विवादों के समाधान के लिए विदेशी मध्यस्थता केंद्रों को चुनना जारी रखे हुए हैं। इससे भारत की अपनी मध्यस्थता प्रणाली में भरोसे को लेकर सवाल खड़े हो रहे हैं। मध्यस्थता स्थल यानी वेन्यू का चुनाव अब भारतीय कंपनियों और वकीलों के लिए एक महत्वपूर्ण मुद्दा बनता जा रहा है। हालांकि, स्रोत में यह स्पष्ट नहीं किया गया है कि यह प्रवृत्ति किस हद तक व्यापक है, इसके पीछे विशिष्ट कारण क्या हैं, या इसके समर्थन में कोई ठोस आंकड़े या उदाहरण उपलब्ध हैं या नहीं।
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