सबसे पहले बात उन दलों की जो कागजों पर हैं। दावा किया जा रहा है कि इनके खातों में चुनावी चंदे के रूप में भारी रकम जमा की जाती है। ये वो दल हैं जो नाम के लिए चुनाव लड़ते हैं। इनका देश में एक भी सांसद या विधायक नहीं है, लेकिन फिर भी इनका बैंक बैलेंस बड़े-बड़े दलों से कहीं ज्यादा बताया जा रहा है। रिपोर्ट में सवाल उठाया गया है कि आखिर इन गुमनाम दलों को कौन मालामाल कर रहा है।